Bhagawan Krishna ki kahani: krishna Aur Saanp ki ladai

 Bhagawan Krishna ki kahani: krishna Aur Saanp ki ladai
 भगवान कृष्ण की कहानी: कृष्ण और साँप की लड़ाई 


Bhagawan Krishna ki kahani



राक्षस अघासुर पृथ्वी पे विनाशकारी बन गया था। उसका प्रकोप दिन व दिन बढ़ता जा रहा था। इस वजह से सभी देवता उत्सुकता से राक्षस अघासुर को मारने के लिए किसी शक्तिशाली का इंतजार कर रहे थे।


दूसरी ओर अघासुर, कृष्ण द्वारा अपने भाई, पुत्तन और बकासुर की हत्या का बदला लेना चाहता था। इसलिए उसने अपनी महान रहस्यवादी शक्तियों का उपयोग करने का निर्णय लिया।


कृष्ण और उनके दोस्तों के सामने खुद को अघासुर विशालकाय काले नाग में बदल दिया। विशाल नाग़ को देखकर, लड़कों में उत्सुकता बढ़ गई। उसकी लाल आँखें थीं और वह गर्म साँस ले रहा था, उसका मुँह आसमान से ज़मीन तक फैला हुआ था।


लड़कों ने उसके मुंह में प्रवेश कर उसके अंदर के हिस्सों को देखने का फैसला किया। लड़के उसके मुह के अंदर चले गए, लेकिन अघासुर कृष्ण की प्रतीक्षा कर रहा था।


अंत में, कृष्णा ने अंदर जाने के लिए कदम रखा। जैसे ही कृष्ण अंदर गए, नाग़ ने अपना मुह बंद करना शुरू कर दिया। अघासुर ने अपने जबड़े को इतनी जल्दी से बंद कर रहा था की किसी भी लड़के को वहा से बाहर निकलने का वक़्त नही मिल सका।


 नाग़ लगभग लड़कों को कुच्नले वाला ही था कि कृष्ण ने तुरंत अपने शरीर को बड़ा किया ताकि वह नाग के जबड़ो को बंद होने से रोक सके।


अंत में कृष्ण ने खुद को इनता बड़ा कर लिया जो उसके जबड़े सेकंडो में ही फट गए और वह वही मर गया।


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..... Bhagawan Krishna ki kahani [ Ends Here ] .....

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