Akbar Birbal Moral Story in Hindi: कितने कौवे

Akbar Birbal Moral Story in Hindi का अंश: 

अचानक से महाराज अकबर ने तलाब की तरफ देख एक सवाल किया। बीरबल, अपने राज्य में कुल
पंछियों की संख्या कितनी है?  राजा अकबर का ये सवाल सुनकर बीरबल कुछ देर के लिए सोच में पड़ गया। इस Akbar Birbal Moral Story in Hindi को अंत तक जरुर पढ़ें...

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Akbar Birbal Moral Story in Hindi


Akbar Birbal Moral Story in Hindi: कितने कौवे


ठंडी हवा, चिड़ियों की चहचहाहट, हल्की सूरज की किरणें आसमान में फैली हुई थी।  सुनहरी ओस की बूंदे

घास की पतियों पर अपनी चमक बिखेर रही थी।


अकबर और बीरबल हमेशा की तरह साथ में घूमते हुए बगीचे में पहुंचे। सुबह के ये मनमोहक सुनहरे दृश्य देख,

दोनों प्रकृति की रचना पर मन मुग्ध हुए बिना नहीं रह सके।


बगीचे के तालाब में हंसो का एक जोड़ा सभी को अपनी तरफ आकर्षित कर रहा था।


अचानक से महाराज अकबर ने तलाब की तरफ देख एक सवाल किया। बीरबल, अपने राज्य में कुल

पंछियों की संख्या कितनी है?


राजा अकबर का ये सवाल सुनकर बीरबल कुछ देर के लिए सोच में पड़ गया।


चूँकि सवाल का जवाब भी देना ज़रूरी था इसलिए कुछ देर सोचने के बाद बीरबल ने तपाक से उत्तर दिया "राज्य

में कुल पंछियों की संख्या तीस हजार नौ सौ पांतीस हैं।"


बीरबल के इस तरह अचानक से उत्तर देने से राजा अकबर हैरत में पड़ गए।


अकबर ने बीरबल को फिर से अपना वही सवाल पूछते हुए कहा, “बीरबल अगर आपका जवाब गलत

हुआ तो आपको दण्डित भी किया जायेगा।


बीरबल ने राजा की तरफ देखा, फिर मुस्कुराते हुए बिना हिचकिचाए अपनी हाजिर जवाबी का परिचय देते हुए कहा,


यदि राज्य में पंछियों की संख्या ज्यादा होती है तो इसका यह मतलब है कि पड़ोसी राज्य के पंछी अपने राज्य में

भ्रमण के लिए आये हुए है, और यदि पंछियों की संख्या कम होती है तो इसका यह मतलब है कि अपने राज्य से

पंछी पड़ोसी राज्य में घुमने गए होंगे।


बीरबल की ये हाज़िर जवाबी देख महाराज अकबर बहुत ही प्रसन्न हुए और मुस्कुराते हुए कहा की बीरबल

आपके इसी हाज़िर जवाबी के हम कायल है।

Moral of the story: नैतिक


नैतिक: - अगर आप अपने आप पर विश्वास है तो कोई भी न आपको झुका सकता है न ही आपको गलत साबित कर सकता है।





..... Akbar Birbal Moral Story In Hindi [Ends Here] .....



Team The Hindi Stories:


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